मै तेरा बेटा हूं

जब से आया हु तेरे साड़ी के पलू में बड़ा हुआ तेरी उगली पकड़ कर चला हूं तेरे आंसुओं को‌ देखा हूं और तुम्हारे सहामे भारी आंखो को देखा हू आखिर मै तुम्हारा बेटा हूं............ धूप हो या छांव या गम हो या दुःख सब सह लेती है मां मै गलत हू या सही आखिर मै तेरा बेटा हूं________

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Anurag Yadav

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My goal is that everyone should read my story with their childhood memories.

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